Fake and Unverified Attack Reports by Media.

rsdhull राजनैतिक विश्लेष्ण Leave a Comment

बेहद हैरानी का मंजर है. दुर्भाग्यपूर्ण उरी हमले के बाद एक दम से सरकार के बुरी तरह घिरने के बाद मीडिया से यकायक उरी में और बोर्डर पार आर्मी के द्वारा हमले करने की खबरें आने लगीं. इन खबरों के अंदर बताया गया है कि आर्मी ने दसियों आतंकियों को मार गिराया है. इन रिपोर्ट्स को आर्मी ने अधिकारिक रूप से ख़ारिज कर दिया और साथ ही मीडिया से अपील की कि इस प्रकार के मामलों में संजीदा रहना सीखे. इन रिपोर्ट्स ने एक बेहद महत्त्वपूर्ण प्रश्न को जन्म दिया है कि क्या इस प्रकार की रिपोर्टिंग के लिए मीडिया हाउस पर कार्यवाही नहीं होनी चाहियें? क्या मीडिया किसी भी खबर को सोर्स करने से पहले आधिकारिक वर्जन नहीं जान सकता था. दिक्कत सबसे बड़ी यह है कि इन खबरों को बुरी तरह से सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है. यदि कल को ये खबरें झूठ निकलती हैं तो जानिये कि हमने आर्मी की साख पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है. वहीँ दूसरी ओर मोदी जी के समर्थकों के द्वारा इस प्रकार माहौल बनाया जा रहा है कि इस प्रकार की कार्यवाही को आर्मी पब्लिक क्यों करेगी? चलो मान लेते हैं कि आर्मी नहीं करेगी पर क्या पाकिस्तान भी नहीं करेगा? ध्यान देने योग्य बात ये है कि UN असेम्बली चल रही है. कल पाकिस्तान का भाषण था; पाकिस्तान इस मुद्दे को जोर शोर से उछालता. उसने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया. इसका सीधा सा मतलब ये है कि ये खबरें भाजपा के द्वारा बुरी तरह घिरने के बाद चलाई जा रही हैं ताकि वह अपने समर्थकों और देश वासियों का गुस्सा शांत कर सके.

मेरी यह मांग है कि इस प्रकार की अपुष्ट खबर चलाने वाले मीडिया स्तम्भों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए क्योंकि यह स्वतन्त्रता का दुरुपयोग तो है ही; दूसरी और यह देश की सुरक्षा के साथ समझौता भी है. भारत के अंदर इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए.

मेरी समस्त मोदी समर्थकों से अपील है कि संजीदगी दिखाएँ और भावनाओं के साथ खिलवाड़ से बचें.

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