Press Note Dated 10.11.2017

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Dated: 10.11.2017

अपने चहेतों को रेवड़ियाँ बाँट रही है सरकार

पंचकुला: इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता रविन्द्र सिंह ढुल ने यहाँ जारी अपने ब्यान में कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार में नौकरियों में भ्रष्टाचार इस हद तक व्याप्त है कि वे अपने चहेतों को नौकरियां बांटते हुए सभी संस्थागत नियमों को भी ताक पर रख देते हैं. ढुल ने यहाँ जारी अपने ब्यान में कहा कि काउन्सिल ऑफ़ होम्योपैथिक मेडिसिन, हरियाणा के चेयरमैन ने रजिस्ट्रार की पोस्ट के लिए सीधे आवेदन मांग लिया है जो कि कानूनन गलत है. भाजपा सरकार ने अपने समर्थक डाक्टर हरप्रकाश शर्मा को काउन्सिल का चेयरमैन नियुक्त किया था. राजनैतिक और टेम्परेरी पोस्ट होने के नाते चेयरमैन को राजपत्रित पदों के लिए आवेदन मांगने का कोई अधिकार नहीं है. राजपत्रित पदों के अंदर भर्ती करने का अधिकार केवल हरियाणा राज्य सेवा आयोग के पास है; ऐसे में संस्थान को अपने सेक्रेट्री के द्वारा इस पद को भरने की स्वीकृति लेने के बाद इसपर भर्ती करने के लिए हरियाणा राज्य सेवा आयोग को लिखना चाहिए था; जो कि उन्होंने नहीं किया. ढुल ने यहाँ जारी अपने ब्यान में आरोप लगाया कि यह भर्ती न केवल नियमों को ताक पर रख कर की गयी है; अपितु यहाँ काउन्सिल ने टेस्ट लेने का अधिकार भी अपने पास रख लिया है. यह सीधे सीधे संविधानिक कार्यप्रणाली में रोड़ा अटकाने वाली बात है. ढुल ने कहा जबकि प्रदेश की इससे बड़ी काउन्सिल जैसे आयुर्वैदिक काउन्सिल में भी रजिस्ट्रार के पद पर डेपुटेशन से अफसरों को लगाया जाता है तो ऐसे में केवल 900 डाक्टरों की रजिस्ट्रेशन की डिटेल सम्भालने वाली संस्था जिसके पास स्वयम का कोई बजट नहीं है; उसपर यह सीधे सीधे वित्तीय बोझ डालेगा. उन्होंने कहा कि डेपुटेशन पर पद को भरने पर संस्थान पर कोई वित्तीय बोझ नहीं आता. उन्होंने कहा कि चेयरमैन नियमों को ताक पर रखते हुए अपने रिश्तेदार डाक्टर वैभव बिदानी अथवा उनकी पत्नी नेहा बिदानी को रजिस्ट्रार लगाने के लिए की जा रही है. ढुल ने आगे बताया कि ऐसे समय में जब केंद्र सरकार समस्त भारत में चल रहीं होम्योपैथिक कौंसिल्स को खत्म करने के लिए आने वाले शीतकालीन संसद सत्र में नैशनल कमिशन फॉर होम्योपैथी बिल, 2017 ला रही है; ऐसे में तुरंत प्रभाव से नबम्बर में सत्र शुरू होने से पहले इस प्रकार गैरकानूनी भर्ती कर हरियाणा में भ्रष्टाचार का नंगा नाच खेला जा रहा है. इस बारे में मुख्यमंत्री स्तर पर भी शिकायत की जा चुकी है; बावजूद इसके सरकार का इस गम्भीर विषय पर न बोलना यह दिखाता है कि यह भर्ती भाजपा सरकार की जानकारी में की जा रही है.[/text_output]जनहित के नाम पर निजी हित साध रही सरकार
Dated: 18.11.2017
चंडीगढ़/18 नवम्बर: इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता रविन्द्र सिंह ढुल ने यहाँ जारी अपने बयान में कहा कि हरियाणा सरकार अफसरों के दबाव में इस हद तक घिर गयी है कि उसने जनहित को धत्ता बताते हुए निजी हित के लिए काम करना शुरू कर दिया है. उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा सरकार ने हाल ही में हरियाणा रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) रूल्स 2017 को नोटिफाई किया है. नोटिफिकेशन के रूल 18 के अनुसार चेयरमैन के लिए चीफ सेक्रेटरी के बराबर तनख्वाह का प्रावधान किया गया है. इसकी सेलेक्शन के लिए सरकार के द्वारा भ्रष्ट अधिकारीयों का पैनल बनाना हाल ही में चर्चा में था जब नेता प्रतिपक्ष श्री अभय सिंह चौटाला ने उस पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि रोबर्ट वाड्रा को क्लीन चिट देने वाले अधिकारीयों को सरकार पैनल में रख रही है. उन्होंने कहा कि’ यह हैरानी वाली बात है कि चेयरमैन के पास चीफ सेक्रेटरी के बराबर तनख्वाह तो दे दी गयी है लेकिन अन्य निगमों अथवा अथॉरिटी की तरह उनकी तनख्वाह में से उनकी पेंशन को घटाने का प्रावधान नहीं किया गया है. ऐसे में चेयरमैन न केवल सरकार से तनख्वाह लेगा; अपितु वह सरकार से अपने लिए पेंशन भी लगातार लेता रहेगा. ज्ञातव्य है कि हरियाणा में चीफ सेक्रेटरी की कुल तनख्वाह 2,36,250/- है. जबकि रुल के अनुसार यदि अथॉरिटी का चेयरमैन सरकारी अधिकारी रहा है तो उसे 3,73,125/- रूपये के आस पास मासिक तनख्वाह मिलेगी जिसमें उसे मिल रही पेंशन, अन्य भत्ते भी शामिल हैं. यह हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमिशन, राज्य सूचना आयुक्त , हरियाणा लोकसेवा आयोग आदि अन्य बॉडीज से कहीं अधिक और यहाँ तक कि हरियाणा के मुख्यमंत्री की तनख्वाह से भी ज्यादा है. यही कारण है कि इस सरकारी लूट का फायदा उठाने के लिए अधिकारीगण इस पोस्ट को प्राप्त करने के लिए एडी चोटी का जोर लगा रहे हैं. आज तक के कांग्रेस और भाजपा सरकार के इतिहास को देखते हुए इस पोस्ट पर भी हमेशा की तरह किसी रिटायर्ड अधिकारी की ही नियुक्ति की जाएगी; यह बात सरकार के बनाये पैनल से स्पष्ट रूप से जाहिर भी होती है. इनेलो प्रवक्ता ने कहा कि सरकारी खजाने की यह लूट और रोबर्ट वाड्रा को क्लीन चिट देने वाले भ्रष्ट अधिकारियों का पैनल बनाना इस बात को साबित करता है कि हरियाणा भाजपा सरकार ने हरियाणा के सरकारी खजाने को लूट का अड्डा बना दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने हरेरा को पहले ही आम जनता की जगह बिल्डर्ज के फायदे के अनुरूप बनाने का काम किया है; ऐसे में यह काम सरकार की इमानदारी की झूठी छवि पर एक और धब्बा लगाने का काम करेगा; जिसका जवाब आने वाले विधानसभा चुनावों में हरियाणा की जनता उन्हें दे देगी.

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