धर्म

मैं और मेरा धर्म!

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पत्थर पूजे हरी मिले ,तो मैं पुजू पहार…. ताते यह चक्की भली ,पीस खाए संसार …. !! कंकर-पत्थर जोरी कर लई मस्जिद बनाये. ता पर चढ़ी मुल्ला बांग दे,क्या बहरा हुआ खुदाय…!!-संत कबीर स्वतंत्रता को ध्येय मानकर चलने में एक समस्या यह है कि समाज के जकड़े हुए लोग बार बार आकर आपका प्रतिरोध करना चाहते हैं। उन्हें उस जकड़न …

आजादी की 72वीं सालगिरह मुबारक

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72 वाँ स्वतन्त्रता दिवस आजाद मानसिकता और गुलाम देश से मुक्ति पा कर गुलाम मानसिकता और आजाद देश की 72 वीं सालगिरह की सबको बधाई. एक देश के रूप में भारत को बने आज 71 साल हो गये हैं. इस बीच हम सुई तक ना बना सकने वाले देश से मिसाइल बनाने वाले देश तक पंहुचे हैं. हम और आगे …

सुनिए मुख्यमंत्री जी!

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दिनांक: 19.11.2017 माननीय मुख्यमंत्री, हरियाणा सरकार. विषय: हरियाणा की सम्प्रभुता एवं एकता को सम्भावित खतरे बारे श्रीमान जी मुझे अत्यंत दुःख एवं पीड़ा के साथ आपको यह पत्र लिखना पड़ रहा है कि एक बार फिर से हरियाणा की एकता एवं चरित्र खतरे में है लेकिन इस बार भी आपका मूक दर्शक होना मेरे मन में पीड़ा पैदा कर रहा …

संघ, पटाखे और मूर्खता

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सुप्रीम कोर्ट ने कुछ ही दिन पहले पटाखों की बिक्री पर बैन लगाया था. इस बैन पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं आई उनमें से सबसे प्रमुख प्रतिक्रियाएं एक ऐसे वर्ग की आयीं जिसने यह दिखाने की कोशिश की कि सुप्रीमकोर्ट का पटाखों पर बैन हिन्दू धर्म के विरुद्ध है और सुप्रीमकोर्ट को यह बैन मुस्लिम धर्म के विरुद्ध भी लगाना …

तुम्हारे धर्म की क्षय हो

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पिछले दो दिनों में दो ऐसी खबरें आईं जिन्होंने अंतर्मन को झझकोर कर रख दिया है. एक तरफ कश्मीर में दरिंदों की भीड़ ने मोहम्मद अयूब पंडित नामक एक जांबाज DSP को पीट पीट कर मार दिया; तो दूसरी तरफ हरियाणा के बल्लभगढ़ के रहने वाले एक 17 वर्षीय युवा मुस्लिम को भीड़ ने पीट पीट कर मार दिया. थोडा …

किस्मत महरबान तो गधा पहलवान

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अनपढ़ सरकार के अनपढ़ पुरौधा एक हिंदी की कहावत है कि गर बन्दर के हाथ में उस्तरा पकड़ा दो तो वो न जाने क्या क्या काट देता है. ये कहावत हरयाणा की भाजपा सरकार पर पूर्णतया लागू होती है. ऐसा नहीं है कि मुझे यह कहने का मौका पहली बार मिला है; मैंने ये पहले भी कहा है; बार बार …

मुरथल घटनाक्रम का इतिहास

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हर एक व्यक्ति के जीवन में ऐसा समय आता है जब वह करवट लेता है और एक ऐसे कार्य में लग जाता है; ऐसा ही एक मामला था कथित मुरथल बलात्कार जिसने मुझे अंदर तक हिला कर रख दिया. इसलिए नहीं कि मैं मानता था कि महिलाओं के साथ बदसलूकी हुई है; अपितु इसलिए कि मेरा अपनी सम्पूर्ण निष्ठा से …

किसान का धर्म

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“हर खेत को पानी, हर हाथ को काम, हर तन को कपड़ा, हर सर को मकान, हर पेट को रोटी, बाकि बात खोटी” जननायक चौधरी देवी लाल जी के ये अमर वाक्य भारत में राजधर्म की असली मिसाल और पहचान है. आजादी के बाद भारत ने स्वयम को धर्मनिरपेक्ष, पंथनिरपेक्ष राष्ट्र के रूप में स्थापित किया. इसके बहुत से कारणों …

मैं और मेरे गांधी

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हमेशा की तरह आज महात्मा गांधी जी के शहीदी दिवस पर गांधी जी बनाम गोडसे अथवा गांधी जी बनाम अन्य की बहस चली है. इस बहस के दौरान मैं अपने अंदर गांधी को ढूँढने चला. गांधी जी से मेरा क्या रिश्ता है बस यही आज मेरा लेख है. राजनैतिक रूप से बेहद सक्रिय परिवार से सम्बन्ध रखने के कारण मैं …

किसान एवं कमेरों की एकता समय की जरूरत

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भारत कृषि प्रधान देश है. इस देश की लगभग 70% आबादी ग्रामीण क्षेत्र में ही बसती है. आजादी की लड़ाई से आज तक हर बड़े सामाजिक नेता ने किसान और ग्रामीण क्षेत्र की बात की है. रहबरे आजम सर छोटू राम से लेकर चौधरी देवी लाल जी, महात्मा गांधी से लेकर चौधरी चरण सिंह तक हर एक बड़े नेता का …