धर्म

मैं और मेरा धर्म!

rsdhull निजी विचार Leave a Comment

पत्थर पूजे हरी मिले ,तो मैं पुजू पहार…. ताते यह चक्की भली ,पीस खाए संसार …. !! कंकर-पत्थर जोरी कर लई मस्जिद बनाये. ता पर चढ़ी मुल्ला बांग दे,क्या बहरा हुआ खुदाय…!!-संत कबीर स्वतंत्रता को ध्येय मानकर चलने में एक समस्या यह है कि समाज के जकड़े हुए लोग बार बार आकर आपका प्रतिरोध करना चाहते हैं। उन्हें उस जकड़न …