गर तुम होते पास
गर तुम होते पास तो श्वासों को पहचान मिलती तो अधरों की वह प्यास बुझती तो जीवन को नव पहचान…
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Read Moreमैं तुम्हें कोई दोष नहीं देता सब दोष अपने संग वरता हूँ। जीवन की इस अनकही पहेली पर स्वयम् के…
Read Moreधर्म और नैतिकता में से क्या बड़ा है? यह एक बेहद गंभीर प्रश्न है जिससे मैं इस समय रूबरू हो…
Read Moreहमारे जीवन की विशिष्टता इस बात में है कि हम असंभव एवं मुश्किल परिस्थितियां का सामना किस प्रकार करते हैं।…
Read Moreसमस्त ज्ञान असत्य है एवं समस्त सत्य ज्ञान का स्वरुप है। समस्त सांसारिक ज्ञान केवल मात्र तर्क की शक्ति पर…
Read Moreदुःखेष्वनुद्विग्मनाः सुखेषु विगतस्पृहः। वीतरागभयक्रोधः स्थितधीर्मुनिरुच्यते।।2/56 (गीता) भावार्थ: जो दुःख में विचलित न हो तथा सुख में प्रसन्न नहीं होता ,…
Read Moreअविराम चलता यह जीवन इक नए मोड़ पर खड़ा है।पूछता है क्या किया जो मुझे कोसते हो कब मैंने तुम्हें…
Read MoreI am honored to be with you today at your commencement from one of the finest universities in the world.…
Read Moreएक बेहद सुन्दर ब्लॉग से मुझे आज चाणक्य सीरियल का चन्द्रगुप्त मौर्या द्वारा दिया गया वह भाषण मिला जो उन्होंने…
Read Moreबादशाह अकबर और उनके दरबारी एक प्रश्न पर विचार कर रहे थे जो राज-काज चलाने की दृष्टि से बेहद अहम…
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