Punjab & Haryana High Court, Chandigarh
आह आह jonatan pie 6tm54xn1k o unsplash
Poems Jan 27, 2016

आह

आह देखो यह राह मैंने ही बनाई थी इस राह पर माटी मैंने ही बिछाई थी इस माटी से तुमने…

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Personal Writings Aug 08, 2015

तमन्ना का फूल

तमन्ना आज बगीचे में अकेली घूम रही थी. सामने उसका पसंदीदा पौधा था; बेहद सुन्दर रंग वाले फूल खिलते थे…

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Poems May 30, 2015

याद है

याद है, तुम और मैं पहाड़ी वाले शहर की लम्बी, घुमावदार, सड़्क पर बिना कुछ बोले हाथ में हाथ डाले…

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Poems Mar 03, 2015

पास खडा था भ्रष्टाचार

सुबह उठ कर आँख खुली तो पास खडा था भ्रष्टाचार, अट्टहास लगाता हुआ, प्रश्न चिह्न लगाता हुआ. जब पूछा मैंने,…

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Poems Mar 03, 2015

हाँ मैं चलती हूँ

हाँ मैं चलती हूँ तुमने मुझे चलने से रोका तुमने मुझे जीने से रोका तुमने मुझे गाने से रोका तुमने मुझे…

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Poems Feb 19, 2015

गर तुम होते पास

गर तुम होते पास तो श्वासों को पहचान मिलती तो अधरों की वह प्यास बुझती तो जीवन को नव पहचान…

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