Punjab & Haryana High Court, Chandigarh

हाँ मैं चलती हूँ

तुमने मुझे चलने से रोका
तुमने मुझे जीने से रोका
तुमने मुझे गाने से रोका
तुमने मुझे खाने से रोका

मेरे कदम कदम पर कांटे बिछाये
पर मेरे कदम कभी न रुक पाये

फिर भी मैं चलती हूँ
चलते चलते खिलती हूँ
चलते चलते जलती हूँ

मगर फिर भी मैं चलती हूँ

सोचते तो बहुत होंगे तुम
क्यों न मैं रुक पायी
क्यों न तुम मुझे रोक पाये?

मैं चलती हूँ क्योंकि
मेरे चलने से ही तुम चलते हो
गर मैं रुकी
तो तुम रुक जाओगे

तो मैं चलती हूँ
चलते चलते जलती हूँ
फिर भी मैं चलती हूँ।

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