किसान का धर्म

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“हर खेत को पानी, हर हाथ को काम, हर तन को कपड़ा, हर सर को मकान, हर पेट को रोटी, बाकि बात खोटी” जननायक चौधरी देवी लाल जी के ये अमर वाक्य भारत में राजधर्म की असली मिसाल और पहचान है. आजादी के बाद भारत ने स्वयम को धर्मनिरपेक्ष, पंथनिरपेक्ष राष्ट्र के रूप में स्थापित किया. इसके बहुत से कारणों …

किसान एवं कमेरों की एकता समय की जरूरत

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भारत कृषि प्रधान देश है. इस देश की लगभग 70% आबादी ग्रामीण क्षेत्र में ही बसती है. आजादी की लड़ाई से आज तक हर बड़े सामाजिक नेता ने किसान और ग्रामीण क्षेत्र की बात की है. रहबरे आजम सर छोटू राम से लेकर चौधरी देवी लाल जी, महात्मा गांधी से लेकर चौधरी चरण सिंह तक हर एक बड़े नेता का …