मैं तुम्हें कोई दोष नहीं देता
मैं तुम्हें कोई दोष नहीं देता सब दोष अपने संग वरता हूँ। जीवन की इस अनकही पहेली पर स्वयम् के…
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मैं तुम्हें कोई दोष नहीं देता सब दोष अपने संग वरता हूँ। जीवन की इस अनकही पहेली पर स्वयम् के…
Read Moreआज मानव सड़क पर चला जा रहा था। उसके मन में कई तरह की गुत्थियां चल रही थीं।नौकरी मिल नहीं…
Read Moreआजादी की छुट्टी पर एक छोटा बच्चा अपनी माँ से पूछ बैठा, “माँ, ये छुट्टी क्यों होती है” माँ परेशान…
Read Moreसुबह उठ कर आँख खुली तो पास खडा था भ्रष्टाचार, अट्टहास लगाता हुआ, प्रश्न चिह्न लगाता हुआ. जब पूछा…
Read Moreरूचीनां वैचित्र्य अदृजुकुटिलनानापथजुषां. नृणामेको गम्यस्त्वमसि पयसमर्णाव इव. (शिव महिम्नः स्तोत्र, ७ ) अर्थात हे शिव, जिस प्रकार विभिन्न नदियाँ विभिन्न पर्वतों…
Read Moreकानून की देवी तेरी जय जय कार, छाया जब हर जगह अन्धकार, राजा करता हो जनता पर अत्याचार, ले हाथ…
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